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ब्लड प्रेशर (BP) के लिए आयुर्वेदिक उपचार

 ब्लड प्रेशर (BP) के लिए आयुर्वेदिक उपचार


आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) एक आम समस्या बन गई है। इसे हाइपरटेंशन भी कहा जाता है। यदि इसे समय पर नियंत्रित नहीं किया जाए, तो यह हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। आयुर्वेद में उच्च रक्तचाप को "रक्तगत वायु" का असंतुलन माना गया है और इसका उपचार जड़ी-बूटियों, आहार और जीवनशैली में सुधार के माध्यम से संभव है।

ब्लड प्रेशर के आयुर्वेदिक कारण

आयुर्वेद के अनुसार, रक्तचाप असंतुलन तीनों दोषों (वात, पित्त और कफ) से जुड़ा हो सकता है:


1. वात दोष – चिंता, तनाव, अनियमित दिनचर्या और अधिक दौड़भाग से होता है।

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2. पित्त दोष – अधिक मिर्च-मसालेदार भोजन, क्रोध और गर्म चीजों के सेवन से बढ़ता है।

3. कफ दोष – मोटापा, भारी और तैलीय भोजन से होता है।

आयुर्वेदिक उपचार

1. जड़ी-बूटियां और प्राकृतिक उपाय

(1) अर्जुन की छाल

हृदय को मजबूत बनाने और रक्तचाप नियंत्रित करने में सहायक।

सेवन विधि: अर्जुन की छाल का काढ़ा या पाउडर शहद के साथ लें।

(2) अश्वगंधा

तनाव कम करके उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है।</ p>

सेवन विधि: 1 चम्मच अश्वगंधा पाउडर गर्म पानी या दूध के साथ रात में लें।

(3) ब्राह्मी

मानसिक शांति देती है और तनाव कम करती है।

सेवन विधि: ब्राह्मी के पत्तों का रस या चूर्ण शहद के साथ लें।

(4) लहसुन

रक्त को पतला करता है और धमनियों को स्वस्थ रखता है।

सेवन विधि: खाली पेट 1-2 कच्चे लहसुन की कलियां खाएं।

(5) त्रिफला

शरीर को डिटॉक्स करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है।

सेवन विधि: रात में 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें।

2. आहार और खानपान

हरी सब्जियां (पालक, मेथी, लौकी) खाएं।

फलों में केला, अनार, सेब और पपीता लाभकारी हैं।

नमक का सेवन कम करें और सेंधा नमक का उपयोग करें।

गुनगुना पानी पिएं और ज्यादा चाय-कॉफी से बचें।

घी और तैलीय भोजन कम करें, लेकिन नारियल पानी और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ लें।

3. योग और प्राणायाम

अनुलोम-विलोम – धमनियों को खोलने और रक्त संचार सुधारने में सहायक।

भ्रामरी – मानसिक तनाव कम करता है और दिल को स्वस्थ रखता है।</ p>

शवासन – शरीर को पूर्ण रूप से आराम देकर तनाव घटाता है।

4. जीवनशैली में बदलाव


रोज़ाना 30 मिनट टहलें।

ध्यान (Meditation) करें और गहरी सांस लेने का अभ्यास करें।

क्रोध, चिंता और तनाव को दूर करने का प्रयास करें।

भरपूर नींद लें और सोने का समय निश्चित रखें।

निष्कर्ष


उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, संतुलित आहार, योग और सही जीवनशैली बेहद प्रभावी हैं। यदि आप इन उपायों को नियमित रूप से अपनाते हैं, तो बिना दवाओं के भी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखा जा सकता है। हालांकि, यदि आपका ब्लड प्रेशर बहुत अधिक है, तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।< /p>


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